Trikon - एक्शन सीरीज़ - अध्याय 23 — छेदीपुरा रेस्क्यू

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सराय के दरवाज़े टूटकर अंदर गिर चुके थे। अंदर पहले से तैयार खड़े थे— जॉन के विदेशी मर्सिनरी। और प्रभु के आदमी। सबके हाथों में मशीनगन्स। एक पल के लिए सन्नाटा। फिर— तड़तड़तड़तड़!!! गोलियों की बौछार गाड़ी पर टूट पड़ी। शीशे चटक गए। लोहे की बॉडी पर गोलियाँ बरसने लगीं। अनीश और जोगी तुरंत गाड़ी से कूदे। दरवाज़ों के पीछे पोज़िशन ली। पर दुश्मनों का फायर-पावर इतना भारी था कि वे सिर भी नहीं उठा पा रहे थे। जॉन आगे बढ़ा। गोलियों की बारिश के बीच भी उसकी भारी आवाज़ सराय में गूँजी— “Come play with daddy… you bastards!” उसके