Trikon - एक्शन सीरीज़ - अध्याय 16 — स्कूल बस

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सुबह। अनाथालय का गेट खुला था। पीली स्कूल बस अंदर खड़ी थी। इंजन धीमे-धीमे घरघर कर रहा था। लड़कियाँ एक-एक करके चुपचाप बस में चढ़ रही थीं। कोई बात नहीं कर रहा था। कल रात की घटना के बाद आँगन में जैसे डर की परत जम गई थी। बस के पास एक लंबा आदमी खड़ा था, नाम प्रभु। लगभग छह फुट लंबा। काला कोट-सूट। चेहरे पर कोई भाव नहीं। वह हाथ में छोटी डायरी लिए लड़कियों की गिनती कर रहा था। एक… दो… तीन… उसकी उँगली नामों पर चल रही थी। अचानक वह रुक गया। भौंहें सिकुड़ीं। “एक कम है।”