Trikon - एक्शन सीरीज़ - अध्याय 13 — त्रिकोण

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थोड़ी देर बाद। शहर के बाहर एक बियाबान इलाका। गाड़ी की हाई-बीम लाइट में एक चौकोर गड्ढा खोदा जा रहा था। फावड़े चल रहे थे। मिट्टी उछल रही थी। जोगी हाँफते हुए बोला — “आज तो आपने रेस करवा दी, सर।” अनीश हल्का मुस्कुराया। “इन सब को कम अंतराल पर ठोकना ज़रूरी था। नहीं तो एक सपोला मर जाए तो बाकी सब बिलों में छिप जाते हैं।” जोगी ने पसीना पोंछा। “इस तीसरे साँप को मैं ख़त्म करूँगा।” अनीश रुका। “कभी जान ली है किसी की?” “उस पहलवान की गर्दन तोड़ी थी,” जोगी बोला। “वो सेल्फ-डिफेन्स था। गर्म खून। कोल्ड-ब्लड