Trikon - एक्शन सीरीज़ - अध्याय 8 — पाप का अंत

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शहर की सड़कें चौड़ी थीं। पेड़ों की कतारें। साफ़ फुटपाथ। ऊँची दीवारों के पीछे खामोश बंगले। वर्षा की टैक्सी एक बड़े, सफ़ेद पत्थर के फाटक के सामने रुकी। ऊपर तांबे की नेमप्लेट। अपराजिता लढवान सांसद सुरक्षा कड़ी थी। दो गार्ड। एक मेटल डिटेक्टर। अंदर CCTV. “किससे मिलना है?” गार्ड ने पूछा। “सांसद जी से,” वर्षा ने शांत स्वर में कहा। “अपॉइंटमेंट है?” “नहीं।” गार्ड ने सिर हिलाया। “गाड़ी लौटा लीजिए मैडम, बिना अपॉइंटमेंट नहीं मिल सकते।” वर्षा ने बिना बहस किए फोन निकाला। स्क्रीन खोली। वीडियो चलाया। गार्ड की आँखें फैल गईं। स्क्रीन पर — राज लढवान कुर्सी से बँधा।