मकान का पिछला बरामदा छोटा था। ढके हुए कूलर। पुराने एसी के आउटडोर यूनिट। टूटे गमले। अनीश ने सिक्योरिटी गार्ड का मुँह रुमाल से कसकर दबा रखा था। गार्ड छटपटा रहा था। कुछ सेकंड। फिर शरीर ढीला पड़ गया। अनीश ने उसे धीरे से ज़मीन पर लिटाया। “Clear,” उसने फुसफुसाया। कमर के पीछे खोंसी हैंडगन निकाली। बाकी तीनों दीवार फाँदकर बरामदे में आ चुके थे। अनीश ने पीछे का दरवाज़ा हल्के से धक्का दिया। चर्र… रुका। साँस रोकी। कोई हलचल नहीं। हाथ से इशारा। चारों अंदर घुसे। लंबा गलियारा। दीवारों पर उतरता पेंट। नमी के धब्बे। अंत में एक बड़ा