भाग 3: बिछड़न की कसककहते हैं कि जब खुशियाँ अपनी चरम सीमा पर होती हैं, तभी वक्त का मिजाज अक्सर बदल जाता है। आर्यन और इशानी की दुनिया 'रिदम कैफे' के उस कोने और शहर की पुरानी गलियों तक सिमट गई थी। उनके लिए दुनिया का मतलब एक-दूसरे की मौजूदगी थी। लेकिन उस रात आर्यन के फोन पर आए एक संदेश ने सब कुछ बदल दिया।वह संदेश आर्यन के पिता का था। उनकी तबीयत अचानक बहुत बिगड़ गई थी और उन्हें तुरंत शहर से दूर अपने पैतृक गाँव वापस लौटना था। पिता की जिम्मेदारी और करियर का एक बड़ा फैसला