एपिसोड 12: मलबे से मोहब्बत तकअस्पताल के मुख्य द्वार पर सुरक्षाकर्मियों ने एक फटे हाल, कीचड़ में सने और पागलों की तरह दौड़ते हुए लड़के को रोकने की कोशिश की, पर अज़ीम की आँखों में उस वक्त ऐसी आग थी कि कोई उसके सामने आने की हिम्मत नहीं कर सका। वह सीधे लिफ्ट की जगह सीढ़ियों से भागता हुआ तीसरी मंज़िल पर पहुँचा।गलियारे में खड़े मिस्टर खन्ना और ज़ारा ने देखा कि एक लड़का, जिसके पैरों में चप्पल तक नहीं थी, सीधा आईसीयू (ICU) के दरवाज़े की तरफ बढ़ रहा है। गार्ड्स उसे पकड़ने के लिए आगे बढ़े, पर ज़ारा