मिट्टी जैसा ताजलेखक: विजय शर्मा एरी ---प्रस्तावनाइतिहास की धूल में दबे साम्राज्य केवल खंडहर नहीं होते, वे उन सपनों और विश्वासों की गवाही देते हैं जो कभी किसी युग को आकार देते थे। यह कथा सूर्यवंश साम्राज्य की है—एक ऐसा साम्राज्य जो वैभव, संस्कृति और न्याय का प्रतीक था, परंतु समय की आँधी में खो गया। ---भाग 1: वैभव का उदयउत्तर भारत की पहाड़ियों के बीच बसा था सूर्यवंश साम्राज्य। राजधानी अमृतपुर सोने की तरह चमकती थी। - राजमहल की दीवारें संगमरमर से बनी थीं। - गलियों में व्यापारियों की आवाज़ें गूँजतीं। - मंदिरों की घंटियाँ और मस्जिदों की अज़ानें एक साथ वातावरण को