चुपके-चुपके आऊँगा - भाग 2

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लेखक - एसटीडी मौर्य ️चुपके-चुपके आऊँगा – भाग 2जैसा कि मैंने पिछले भाग में बताया था कि जब मैं लिख रहा था, तभी एक बिल्ली आई थी। उसी बिल्ली की वजह से मेरी मुलाकात प्रियांशी नाम की एक लड़की से हुई थी।मेरी छोटी बहन अंकिता जब यह बात जान गई, तो वह जिद करने लगी कि उसे भी प्रियांशी से मिलना है।अब कहानी आगे शुरू होती है…मैं और मेरी बहन बाइक से निकल पड़े और प्रियांशी के घर पहुँच गए। लेकिन जब हम वहाँ पहुँचे तो देखा कि दरवाजे पर ताला लगा हुआ था।अंकिता बोली —“भैया, यही घर है? इसमें