फिल्म समीक्षा :_ सूबेदार बालू माफिया और भ्रष्ट सिस्टम का सच बताती बेजोड़ फिल्म ------------------------------------------- क्या होता है जब रिटायर्ड आर्म्ड फोर्सेज के लोग,जवान, हवलदार, सूबेदार, मेजर आदि निजी क्षेत्र में कार्य ढूंढते हैं। किस किस तरह के कार्य उन्हें मिलते हैं और अपने घर लोगों के लिए उन्हें कैसे कैसे समझौते करने पड़ते हैं। सुरक्षा अधिकारी,अनपढ़,बदतमीज अमीरों,अपराधियों के बॉडीगार्ड से लेकर बैंक,हॉस्पिटल, फैक्ट्री,मॉल तक में आप सेवानिवृत फौजियों को ड्यूटी करते देख सकते हैं। इनकी निजी जिंदगी की ख्वाहिश यही होती है कि रिटायर्ड होने के बाद बीवी बच्चे के साथ सुकून से रहें। लेकिन देश सेवा और काम