महाराणा प्रताप - 3

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कुंभलगढ़ किले की गलियों में आज असामान्य हलचल थी। आम दिनों की तरह बच्चों का खेल, सेवकों की भागदौड़ और सैनिकों की चौकसी के बीच अब एक अजीब तनाव था। महल के ऊपरी कक्षों में, राजा उदय सिंह द्वितीय अपने मंत्रियों और सेनापतियों के साथ बैठक कर रहे थे।“राजा साहब,” मंत्री ने कहा, “मुगल साम्राज्य हर दिन ताकतवर होता जा रहा है। दिल्ली से संदेश आया है कि अकबर अब सीधे मेवाड़ की ओर ध्यान दे रहा है। यदि हम समय रहते सावधान नहीं हुए, तो हमारा स्वाभिमान खतरे में पड़ सकता है।”उदय सिंह ने गंभीरता से सिर हिलाया। उनकी