लेखक -एसटीडी मौर्य ️कटनी मध्य प्रदेश दूरभाष +917648959825यह कहानी कुछ ही दिन पहले की है।एक दिन मैं अपनी डायरी में कहानी लिख रहा था। तभी मेरी खिड़की के पास एक बिल्ली आ गई। वह “म्याऊँ-म्याऊँ” कर रही थी।मैंने उसे प्यार से “पूसी” कहकर बुलाया। वह बिल्ली बिना डरे मेरे पास आ गई और कुछ पल मेरे पास बैठी रही। थोड़ी देर बाद वह उठकर चल दी। मैं उसे बुलाता रह गया, लेकिन वह नहीं रुकी।फिर भी मैं उसके पीछे-पीछे चल पड़ा। कुछ दूर जाकर वह एक घर के सामने रुक गई। मुझे लगा कि शायद वह लौटकर मेरे पास आएगी, लेकिन