65. ज़ंजीर और अधीर का सचपिछली कांड में पुलिस ऑफिसर धीरज बिजलानी के सड़क हादसे के तहकीकात के बीच में था जब उसके सीनियर के सीनियर ने उसे बिजलानियों के अपडेट के लिए हॉस्पिटल भिजवाया था।वहाँ उसकी मुलाकात ऐसे लोगों से हुई जिन्हें वो वापस कभी नहीं मिलना चाहता था। मरते वक्त भी नहीं!वहाँ उसकी मुलाकात अपने पागल हत्यारे वैज्ञानिक पिता से हुई जिसके लिए ज़िंदगी, ज़िंदगी नहीं बस कामयाब या नाकामयाब के रस थे। उस पागल साइंटिस्ट और बेरहम बाप को अपना आदर्श मानना उसकी ज़िंदगी ने उसकी मासूमियत का बहुत बड़ा सौदा किया था। बचपन से खुद पर