महल की हवा अब और भी भारी हो चुकी थी। अरमान के जाने के बाद ऐशा अपने कमरे में बंद तो थी, लेकिन उसका दिमाग उस 'निषिद्ध गलियारे' में अटका हुआ था। अरमान की वह चेतावनी—"जहाँ मैं जाता हूँ, वहाँ किसी को आने की इजाज़त नहीं होती"—उसके कानों में किसी चुनौती की तरह गूँज रही थी। ऐशा जानती थी कि अगर वह पकड़ी गई, तो अंजाम बुरा होगा, लेकिन जिज्ञासा (Curiosity) एक ऐसा ज़हर है जो डर को मार देता है।उसने दबे पांव अपने कमरे का दरवाज़ा खोला। बाहर सन्नाटा था, पर वह सन्नाटा सुकून देने वाला नहीं, बल्कि डराने