उड़ान 2A का सच

️ उड़ान 2A का सच“क्योंकि तुमने अपना फैसला पहले ही ले लिया था, अद्वैत…”इशिता की आवाज़ में शिकायत कम और थकान ज़्यादा थी।अद्वैत ने भौंहें सिकोड़ लीं।“मैंने? मैंने कब…?”इशिता ने उसकी ओर सीधा देखा। उसकी आँखों में वो पुरानी नरमी नहीं थी, बल्कि वर्षों की चुप्पी का बोझ था।“पाँच साल पहले, जब तुम्हारी कंपनी को सिंगापुर से निवेश मिला था… तुमने कहा था  ‘अब मेरी ज़िंदगी में किसी रिश्ते के लिए जगह नहीं है। मुझे सिर्फ़ आगे बढ़ना है।’”अद्वैत का चेहरा सख़्त हो गया। उसे याद था वह दिन।उसकी स्टार्टअप जो आज अरबों की कंपनी बन चुकी थी उस समय