शहद की गुड़िया - रंजन कुमार देसाई (3)

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                 शहद की गुड़िया - प्रकरण 3       समीर के बाद आकाश मेरी जिंदगी में आया. वह बहुत हीं  खामोश और संजीदा लड़का था. वह अपनी पेंटिंग में हीं खोया रहता था. उस की नजर में एक प्यास थी.        एक दिन उस ने अपनी पेंटिंग के लिये मुझे मोडल बनाने का ओफर दिया. ज़ब उस ने हाथ पकड़ा तो उस के हाथ मेरी खूबसूरती को देखकर कांपने लगा.       उस ने धीरे से ब्रश नीचे रख दिया और मेरे बिल्कुल नजदीक आ गया. उस ने मेरे चेहरे को छुने