शहद की गुड़िया - रंजन कुमार देसाई (2)

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        आर्यन ने साबित कर दिया था. वह नामर्द था. मर्द की तरह हरकते कर नहीं सकता था.मैंने उसे बता दिया था. मुझे बेकाबू करने को कोई मिल गया हैं.       आर्यन ने मुझे यह मानने को विवश किया था. उस की तरह हर मर्द डरपोक होता है.        उस के बाद मेरी जिंदगी में एक सीनियर ने जगह ली थी. उस का नाम करण था.        वह सीनियर भी आर्यन जैसा था. लाइब्रेरी के पीछे छिपकर मुझे घूरता था.        एक दिन हिम्मत जुटाकर उस ने मुझे केंटीन में