शहद की गुड़िया - 1 15 अक्टूबर 2003 को दिल्ली की अस्पताल में मेरा जम्म हुआ था. उस वक़्त वक़्त तेज बारिश हो रही थी.मुझे देखकर मेरे माता पीता खुश हो गये थे. मैं काफ़ी शरारती थी. नर्स ने मुझे पिता के हाथो में थमाया तो मैंने उन की ऊँगली पकड़ ली थी. रूढ़ि के मुताबिक मेरी जन्म कुंडली बनाई गईं थी. ज्योतिष ने खुद इस बात की आगाही की थी और समर्थन दिया था.