(पर्दे पर अंधेरा। बारिश की आवाज़। दूर कहीं स्ट्रीट लाइट टिमटिमाती है। एक धीमी, उदास सी धुन बजती है।)कबीर (आवाज़): "कहते हैं प्यार में इंसान सब कुछ दे देता है। पर क्या कभी किसी ने सोचा – प्यार में इंसान अपनी जान भी दे सकता है? मैंने देखा है... एक लड़की को, जिसने मेरे लिए यह किया। और मुझे पता भी नहीं चला।"(पर्दे पर टाइटल आता है – "आरोही")(बारिश तेज़ होती है, फिर धीमी)--- एक्ट 1: मुलाकात और प्यार (सीन 1-6)---सीन 1 – रात की सड़क, बारिशदृश्य: अंधेरी गली। बारिश तेज़ हो रही है। स्ट्रीट लाइट टिमटिमा रही है।कबीर ज़मीन