एपिसोड 7: गुज़ारिश और गूँजता सन्नाटाखन्ना मेंशन के भारी सागवान के दरवाज़े के बाहर दो गार्ड्स पत्थर की तरह खड़े थे। अंदर ज़ोया अपनी खिड़की की जाली को पकड़कर बाहर का मंज़र देख रही थी। उसे पता था कि बाहर बुलडोजर की गड़गड़ाहट शुरू होने वाली है। उसने भागकर दरवाज़ा पीटना शुरू किया।"खोलो! कोई दरवाज़ा खोलो! डैड... डैड, मेरी बात सुनिए!" ज़ोया की आवाज़ में एक अजीब सी बेबसी थी।कुछ देर बाद दरवाज़ा खुला और मिस्टर खन्ना अपनी रईसाना चाल चलते हुए अंदर आए। उनके चेहरे पर कोई शिकन नहीं थी, जैसे वह किसी बिजनेस डील को खत्म करके आए