रुद्र की याद यह आगामी मुकाबला केवल जीतने के लिए नहीं है। हमारे आर्यावर्त की सीमाओं पर एक ऐसा अंधेरा बढ़ रहा है जो शास्त्रों और मर्यादाओं को निगल जाएगा। उस अंधेरे को रोकने के लिए एक ऐसी रोशनी चाहिए जो खुद आग में तपकर बनी हो।जिस दिन तुम उस शिखर-मुकाबले को जीत लोगे, उस दिन तुम्हें न केवल अपने अतीत का सच पता चलेगा, बल्कि तुम्हें वह मार्ग भी दिखेगा जो तुम्हें तुम्हारे अपनों तक ले जा सकता है। लेकिन उस मार्ग पर केवल वही चल सकता है जिसने अपने आंसुओं को अपनी शक्ति बना लिया हो।शंखनाद – शिखर मुकाबले