दोनों पुरुष कर्मचारियों ने एक-दूसरे की ओर कुटिल मुस्कान से देखा और मोनालिसा की पर नजर डाली।''आज तो मजा आयेगा''और बाहर खडी सुनीता से कहा।" चलो , तुम जाओ हम बाकी का काम संभाल लेंगे "सुनीता भी रुकना नहीं चाहती थी बगैर पीछे मुड़े वह अपने कमरे की तरफ चलने लगी। बाहर तेज होती बारिश और बिजली की चमक दिल में खौफ पैदा कर रही थी। सन्नाटे में डूबे उस मेंटल एसाइलम में किसी मरीज के चिखने की आवाज से वह एकदम से डर जाती। तेजी से कदम बढ़ाते हुए वह अपने कमरे में दाखिल हुई और दरवाजा बंद कर