तेरे मेरे दरमियान - 75

जानवी आदित्य की बात को पुरा होने से पहले ही बात को बिच मे काट देती है और जानवी चेहरे पर मजबूर मुस्कान लाते हुए कहा—जानवी :- “मुझे किसी चीज़ की सफाई नहीं चाहिए। तुम्हारी निजी जिंदगी है… तुम्हें जिससे मिलना है मिलो । तुम जो चाहो कर सकते हो।”जानवी से यह सुनकर आदित्य के सीने में दर्द उठा।वह कहना चाहता था—> "जानवी, मुझे सिर्फ तुमसे मतलब है… सिर्फ तुमसे!"लेकिन उसने कुछ नहीं कहा। अपनी दिल की बात को आदित्य ने दिल मे ही रख लिया ।जानवी की आँखें भर आईं, पर उसने चेहरा मोड़ लिया , ये कृतिका दैख