अंश, कार्तिक, आर्यन - 10

मल्होत्रा का महलमल्होत्रा का महल…घर कम, ऐलान ज़्यादा था।ऊँचे काले लोहे के गेट उन पर सुनहरे शेर का निशान बना था।दोनों ओर बंदूकधारी गार्ड चौबीसों घंटे खड़े रहते थे ।बिना इजाज़त कोई अंदर कदम नहीं रख सकता था।गेट के अंदर घुसते ही अंदर एक लम्बी सड़क दिखाई देती है उसके दोनों तरफ विदेशी पेड़ो से सजाया गया था।सड़क से निकल ते ही महँगी गाड़ियाँ कतार दिखाई देती है।जैसे हर एक अपने मालिक की ताक़त का प्रदर्शन कर रही हो।महल सफ़ेद संगमरमर से बना था। ऊँचे खंभे, बड़ी काँच की खिड़कियाँ,और बीच में भव्य सीढ़ियाँ जो ऊपर दो हिस्सों में बँट जाती