लाल पत्थर का राज - भाग 3

बरगद का साया और वो अक्सकॉलेज के आर्ट्स ब्लॉक के पीछे वाला वो हिस्सा हमेशा से थोड़ा मनहूस माना जाता था। वहां कोई आता-जाता नहीं था। पुरानी लाल ईंटों की टूटी हुई दीवारें, जिन पर काई ने अपना पक्का घर बना लिया था, और हवा में रुकी हुई सीलन... जैसे किसी बहुत पुराने, बंद कमरे का दरवाज़ा अचानक खोल दिया गया हो। वहीं कोने में एक बहुत पुराना बरगद का पेड़ था। उसकी जटाएँ ज़मीन को ऐसे जकड़े हुए थीं, जैसे किसी बहुत बूढ़े इंसान की हाथों की नसें उभर आई हों।विराज उसी बरगद के नीचे, खुरदरी दीवार के सहारे