शीर्षक: हवेली की आख़िरी रातदरभंगा शहर से कुछ दूर एक पुरानी हवेली थी। लोग उसे काली हवेली कहते थे। दिन में भी उसके पास से गुजरते समय लोगों की चाल तेज़ हो जाती थी। रात में तो कोई उस रास्ते से गुजरने की हिम्मत ही नहीं करता था।कहते हैं कि कई साल पहले उस हवेली में एक अमीर ज़मींदार रहता था। उसकी एक बेटी थी—नैना। बेहद खूबसूरत, लेकिन उतनी ही रहस्यमयी। एक रात अचानक हवेली में आग लगी और उसके बाद से वह जगह हमेशा के लिए सूनी हो गई। कुछ लोगों का दावा था कि उन्होंने आधी रात को