Agent Tara - 3

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कबीर राणा उस रात बेस में अकेला बैठा था.स्क्रीन पर तारा की लाइव लोकेशन दिख रही थी—सहयोग फाउंडेशन से कुछ ही दूरी पर रुकी हुई.वह ज्यादा देर से नहीं रुकी थी, लेकिन कबीर के लिए हर मिनट भारी था.वह कुर्सी से उठा, दो कदम चला, फिर रुक गया.यह आदत बन चुकी थी.जब से तारा इस Mission पर गई थी,कबीर का दिमाग कभी पूरी तरह शांत नहीं हुआ.वह जानता था कि तारा कितनी काबिल है.Training में वह सबसे तेज थी.सबसे शांत.सबसे खतरनाक हालात में भी खुद पर काबू रखने वाली.लेकिन यह जानना और महसूस करना—दो अलग बातें थीं.और कबीर.महसूस कर रहा