41-- ----- हर साल शीनोदा का आना और आना के घर सभी पुराने दोस्तों का जुड़ना, खूबसूरत पल हुआ करते | आना की तो पूरी सोसाइटी जानती ही थी शीनोदा और रंजु को |शीनोदा ने भी सभी से संबंध बनाकर रखे थे|कोशिश करता कि सबसे मिलकर, साथ खा-पीकर इन्जॉय करके वापिस जापान लौटे| बासु दी, रेखा बहन, कुंजबाला दीदी और जो भी आ पाते सबके सब एक साथ इकट्ठे हो जाते | इन सालों में कई बार संभव होने पर अहमदाबाद से बाहर गए हुए मित्र भी आ जाते|यह सब काम करता वही विदेशी शीनोदा जो सबको