एपिसोड 1: मजबूरी की शादीबारिश की वो रात भूला न जाने वाली थी। पटना की तंग गलियों में पानी की धाराएँ तेज़ी से बह रही थीं, सड़कें नदियों में बदल चुकी थीं। मानो आसमान भी अनन्या मिश्रा के आँसुओं का साथ दे रहा हो, जो उसके गालों पर लगातार लुढ़क रहे थे। अनन्या अपने छोटे से एक कमरे के घर में अकेली बैठी थी। कमरे की दीवारें पुरानी और नम थीं, छत से पानी टपक रहा था। उसके हाथों में भाई अंकित का एक पुराना फोटो थामा हुआ था – वो फोटो जिसमें अंकित मुस्कुराता हुआ स्कूल यूनिफॉर्म में खड़ा