11 -- हाँ, बात उस गुजराती लड़के की थी लेकिन यह कथा याद आ गई | इस दुनिया में न जाने कितने रंग के लोग मिलते रहते हैं जिनसे बचकर चलना पड़ता है | उसका नाम तो शायद केतन पटेल या ऐसा ही कुछ था किन्तु भगवान ने उसे कुछ अलग ही सा बनाकर भेजा था | दुबला, पतला, श्यामवर्णी ! जबड़े में दूरी-दूरी पर जैसे जबरन दाँत घुसा दिए गए हों, ऎसी मुख से बाहर दर्शन देती हुई दंतमुक्तावली ! इसकी भी कोई बात नहीं, अब हर बंदा ही कामदेव हो ज़रूरी तो नहीं लेकिन जो