ख़ासकोई मेरा पूछे तो कहना ख़ास नहीं हूँ lकिसी भी जवान दिल की आश नहीं हूँ ll लोगों को दिखाने को नज़दीक आया था lजितना दिखता हूँ उतना भी पास नहीं हूँ ll जरा सी बात रूठ के जाने की बातों से lगभरा के रुकने जाने वाली साँस नहीं हूँ ll बुलाने से आ जाऊँगा गलतफ़हमी में हो lचाहने वाला हूं महफिलों का दास नहीं हूँ ll एक बार साथ चलने का वादा किया है तो lयूँ हाथ छुड़ाकर चल दोगे तो रास नहीं हूँ ll१-२-२०२६ सुहाना मौसम सुहाने मौसम की रवानी चित को बहका गई lपहचानी सी आहट धड़कनों को धड़का