मौत की दस्तक: हर पन्ने पर एक नई दहशत। - 18

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अंतिम स्टेशन: रूहानी सफरपहाड़ों के बीच से गुजरती वह सड़क रात के सन्नाटे में किसी काले नाग की तरह फुफकार रही थी। धुंध इतनी घनी थी कि कार की हेडलाइट्स भी हार मान रही थीं। आर्यन स्टीयरिंग व्हील थामे हुए था, जबकि उसका दोस्त समीर बगल वाली सीट पर सो रहा था। वे दोनों एक ट्रिप से वापस लौट रहे थे, लेकिन रास्ता भटक जाने के कारण वे 'काल-घाटी' नाम के एक अंजान इलाके में फंस गए थे।अचानक, कार के इंजन ने एक अजीब सी आवाज़ की और झटके खाकर बंद हो गई।"धत् तेरे की! अब इसे क्या हुआ?" आर्यन