Arrenge Marriage

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भाग -1 : मेरा हावी ठहरा हुआ पतिबारिश की हल्की बूँदें खिड़की के शीशे पर गिर रही थीं, और अवनि अपने कमरे के कोने में बैठी छत को देख रही थी। उसके मन में तूफ़ान चल रहा था। आज उसके जीवन का सबसे बड़ा फैसला होने वाला था—उसकी शादी।लेकिन यह शादी उसकी पसंद से नहीं, परिवार की पसंद से तय हुई थी।“अवनि, बेटा नीचे आओ, लड़के वाले आए हैं,” माँ की आवाज़ आई।उसने गहरी साँस ली। उसके हाथ ठंडे हो रहे थे। उसने आईने में खुद को देखा—लाल साड़ी, हल्का मेकअप, माथे पर बिंदी… सब कुछ परफेक्ट था, सिवाय उसके