नयी शताब्दी का पहला साल ---प्रस्तावनासाल 2100। धरती अब एक विशाल प्रयोगशाला जैसी है। हर सांस, हर कदम, हर विचार किसी न किसी तकनीकी निगरानी में दर्ज होता है। इंसान ने सितारों तक पहुँच बना ली है, लेकिन अपने भीतर की रोशनी को खोजने की जद्दोजहद अब भी जारी है। यह कहानी है "आरव" की—एक कवि, जो मशीनों के बीच भी आत्मा की स्वतंत्रता की तलाश करता है।---पहला अध्याय – नियो-भारत का चेहरानियो-भारत, भविष्य का भारत, अब हवा में तैरते शहरों और वर्चुअल गाँवों का देश है। - एयर-सिटीज़: बादलों के बीच मंडराते शहर, जहाँ लोग पारदर्शी गुंबदों में रहते हैं। - वर्चुअल