रहे तेरी दुआ मुझ पर - ग्यारहवां हिस्सा

{ रहे तेरी दुआ मुझ पर - ग्यारहवां हस्सा}[फलेशबेक -1]{कुहेद कबिले पर जादूगर जोहरान का कहर}नूर अपने घुटनो पर बैठी अपने अब्बा अम्मी के साथ बिताये पलो को याद कर रही थी, जब ये जगह खुशियो से भरी हुई थी, तब कही से वो जादूगर जोहरान उनकी दुनिया मे आ पहुंचा, वह जिन्नो की दुनिया के उस दरवाजे को पर कर कुहेद पाहड़ पर बसे कुहेद कबिले के इलाके मे आ पहुंचा और धीरे धीरे वहा बसे उस कबीले के जिन्नो से सोदा कर उन्हे हराकर उनकी जादूई ताकत हासिल करने लगा, मगर उसका इरादा तो वो ताकत हासिल करना