एक वैवाहिक कथा

यह कहानी सिर्फ़ प्यार की नहीं, उस जंग की है जहाँ नशा एक आदत नहीं बल्कि इंसान को अंदर से तोड़ देने वाली सच्चाई बनकर सामने आता है।ड्रग्स के अँधेरे से निकलने के लिए सिर्फ़ दवाइयाँ नहीं, रिश्तों का साथ, परिवार की पकड़ और खुद से की गई ईमानदार लड़ाई ज़रूरी होती है।जब कोई साथ छोड़ने के बजाय थाम ले, तब टूटता इंसान भी धीरे-धीरे खुद को फिर से चुनना सीख जाता हैअहमदाबाद।सुबह का समय।शहर अभी पूरी तरह जागा नहीं था, लेकिन व्यास निवास में दिन की शुरुआत हो चुकी थी। बालकनी में लगे पीतल के छोटे घंटे हवा के