डिजिटल डेथ ट्रैप: मासूमों की जान और गेम संचालकों का कुत्सित व्यापारलेखक: विवेक रंजन श्रीवास्तवआज के दौर में स्मार्टफोन केवल एक उपकरण नहीं, बल्कि एक ऐसा प्रवेश द्वार बन चुका है जिसके दूसरी ओर अंधेरी गलियां भी हैं। गाजियाबाद में फरवरी 2026 की वह हृदयविदारक घटना, जिसमें तीन सगी बहनों ने कथित तौर पर एक कोरियन टास्क-बेस्ड गेम के प्रभाव में आकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली, इस खतरे की भयावहता का जीवंत प्रमाण है। इस तरह के डिजिटल मोबाइल खेल अब केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रहे, बल्कि एक सुसंगत वैश्विक 'डार्क इकोनॉमी' और मनोवैज्ञानिक युद्ध का हिस्सा बन चुके हैं।इन