रहनान 'KD' - एक अधूरा वादा

“रहनान ‘KD' - एक अधूरा वादा भाग 1: पहली मुलाक़ात, जो इत्तेफ़ाक़ नहीं थीबारिश उस रात कुछ ज़्यादा ही बेचैन थी।जैसे आसमान भी किसी राज़ को ज्यादा दिन तक छुपा नहीं पा रहा हो।दिल्ली की एक पुरानी, रॉयल-सी दिखने वाली लाइब्रेरी के बाहर खड़ी अनाया जैन अपने दुपट्टे को कसकर पकड़ती है। और सफ़ेद साड़ी में लिपटी उसकी आँखों में डर नहीं था बल्कि एक अजीब-सा खिंचाव था…  जैसे जैसे कोई उसे अंदर बुला रहा हो।वो यहाँ पहली बार नहीं आई थी,लेकिन आज…आज कुछ अलग था।जैसे ही उसने लाइब्रेरी का भारी सब लकड़ी का दरवाज़ा खोला—उसकी साँस अटक गई।वो वहाँ था।काले