मोहब्बत का एहसास

यह इश्क़ का रंग गहरा है, जैसे खुला आसमान,इसमें खोई है दुनिया मेरी, खोया है सारा जहान।मेरे दिल की हर एक धड़कन में तेरा ही बसेरा है,जैसे ऊंचे पहाड़ों पर, सूरज का नया सवेरा है।तुम्हारा साथ है जैसे बहती हुई नर्म नदिया,जो सदियों से ढूँढ रही हो, अपनी मंज़िल की गलियां।जब रात आती है, तो चाँद और तारे गवाह बनते हैं,हमारी खामोश बातों के, हसीन पनाह बनते हैं।तुम्हारे संग उड़ना चाहता हूँ, बनकर एक आज़ाद पंछी,जहाँ सिर्फ सच्ची मोहब्बत हो, और बातें हों सबसे अच्छी।अभी तो असली मंज़िल बाकी है,अभी तो इरादों का इम्तिहान बाकी है,अभी तो नापी है मुट्ठी