अधूरी मुलाक़ात

भाग एक: वो पहली बारिश मीरा को बारिश से नफ़रत थी। शायद इसलिए कि उसकी ज़िंदगी में जो भी बुरा हुआ, बारिश के दिन ही हुआ था। पापा का जाना, नौकरी का छूटना, और अब ये... एक टूटी छतरी लिए, भीगती हुई, दिल्ली के इस अनजाने इलाके में भटकना। "ऑटो! भैया, रुकिए!" वो चिल्लाई, लेकिन पानी में छप्पर-छप्पर करती गाड़ी आगे निकल गई। "आप ठीक हैं?" एक आवाज़ आई। मीरा ने पलटकर देखा। एक लड़का, कुर्ता-जींस में, छाते के नीचे खड़ा मुस्कुरा रहा था। उसकी आँखों में कुछ ऐसा था जो परेशान करने वाला था—जैसे वो सब कुछ जानता हो,