Agent Tara

मुंबई कभी नहीं सोती.रात के तीन बजे भी इसकी सडकों पर जिंदगी बहती रहती है—कभी रोशनी बनकर, कभी साए की तरह.आकृति मेहता इन्हीं सायों में खडी थी.दुनिया की नजरों में वह आज भी वही थी—मुंबई की रहने वाली एक साधारण Collage गर्ल.खुले बाल, हल्की मुस्कान, और आँखों में सपने.वही लडकी जो कभी शीशे के सामने खडी होकर फिल्मी डायलॉग्स बोला करती थी.वही लडकी जो Collage के हर फेस्ट, हर ड्रामा में सबसे आगे रहती थी.जिसकी खूबसूरती और एक्टिंग के चर्चे पूरे Collage में थे.लेकिन उस मुस्कान के पीछे अब कुछ और था.कुछ ऐसा, जिसे कोई देख नहीं सकता था.उसके पिता—रणविजय