फिल्म आलोचना :_तेरे इश्क में लड़की की बेवफाई से बर्बाद होते युवक ------------------------------------------- लड़कियां सपने राजकुमार के देखती हैं ।उन्हें ऊंचे और रंगीन नज़ारे और भी बहुत कुछ चाहिए होता है।जब आगे जिंदगी की हकीकत खुलती है तो वहां कड़ी मेहनत से रोजी रोटी कमाने वाला इंसान होता है।और सपने..सपने तो कबके हवा हो चुके होते हैं। रहता है सपने मरने की राख और मरा हुआ रिश्ता जिसे ताउम्र हर कोई सहता रहता है। ज्यादा दूर जाने की जरूरत नहीं अपने आसपास और अपनी जिंदगी में ही झांक लें। आनंद एल राय इस बार अपने लेखकों हिमांशु