लोक संस्कृति का संरक्षण और संवर्धन की चुनौती

जनजातीय लोक संस्कृति का संरक्षण और संवर्धन की चुनौती प्रस्तुतकर्ता: विवेक रंजन श्रीवास्तव(राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित प्रबुद्ध विचारक और अन्वेषक) प्रस्तावना जनजातीय संस्कृति मानवता के इतिहास की वह आधारशिला है, जिस पर दुनिया भर में आधुनिक सभ्यताओं का निर्माण हुआ है। यह केवल लोकगीत, नृत्य या हस्तशिल्प का समूह नहीं है, बल्कि यह ब्रह्मांड, प्रकृति और मनुष्य के अंतर्संबंधों का एक सहज स्वीकार्य जीवन शैली दर्शन है। वैश्विक स्तर पर जनजातीय समुदाय जैव-विविधता के सबसे बड़े संरक्षक रहे हैं। उन चुनौतियों और समाधानों का विश्लेषण करना समय की जरूरत है,जो इस धरोहर के अस्तित्व से जुड़ी हैं। संरक्षण की प्रमुख चुनौतियां इन चुनौतियों को निम्नलिखित