तेरे मेरे दरमियान - 70

कुछ लोग मुस्कुरा रहे थे—“लगता है आदित्य सर का सॉफ्ट साइड भी है।”जानवी यह सब देख सुन रही थी, लेकिन आज उसे फर्क नहीं पड़ रहा था। उसके लिए आज बस आदित्य का हाथ और उसकी केयर मायने रखती थी।चलते-चलते जानवी की नजर हर थोड़े-थोड़े समय में आदित्य पर चली जाती। उसके मन में एक ही सवाल बार-बार उठ रहा था:जानवी :- “अगर यह आदमी इतना बुरा था… तो मेरा दिल अब इसकी तरफ ऐसे क्यों खिंच रहा है?”जब भी आदित्य उसके पैर को ध्यान से देखता, हर कदम पर उसे संभालता, तो जानवी के भीतर एक नर्मी फैल जाती।अशोक