नीलगिरी की हवेली: एक खौफनाक दास्तानहिमाचल की वादियों में बसा एक छोटा सा गाँव, जहाँ धुंध इतनी गहरी होती थी कि हाथ को हाथ सुझाई न दे। उसी गाँव के छोर पर स्थित थी—नीलगिरी हवेली। गाँव वालों का मानना था कि उस हवेली की दीवारों में रूहें बसती हैं। सालों से वह हवेली बंद थी, उसके गेट पर लगे जंग खाए ताले इस बात की गवाही देते थे कि वहाँ इंसानों का नहीं, बल्कि सायों का बसेरा है।आर्यन, जो एक मशहूर 'पैरानॉर्मल इन्वेस्टिगेटर' (पिशाच अन्वेषक) था, अपने दो दोस्तों—समीर और रिया—के साथ वहाँ पहुँचा। आर्यन को पुरानी और डरावनी जगहों