वेलेंटाइन- डे, एक अधूरी शुरुआत ‎- 4

‎Part- 4‎‎सुहानी ने लैपटॉप खोला।‎‎स्क्रीन पर मीटिंग इनवाइट पहले से खुला था।‎समय में अभी पाँच मिनट बाकी थे,‎लेकिन उसका दिल जैसे पहले ही लॉग-इन हो चुका था।‎‎वह जानती थी—‎यह सिर्फ़ एक प्रोफेशनल मीटिंग नहीं है।‎‎यह पहली बार होगा‎जब हर्ष उसे सामने से देखेगा,‎बिना कैफ़े की भीड़ के,‎बिना इत्तेफ़ाक़ की आड़ के।‎‎उसने बाल ठीक किए।‎कैमरा ऑन किया, फिर तुरंत ऑफ।‎‎‎“मैं इतना नर्वस क्यों हो रही हूँ?”‎“वह सिर्फ़ एक को-वर्कर है।”‎‎‎उधर हर्ष अपने कमरे में बैठा था।‎पीछे दीवार पर सादा सा शेल्फ,‎पास में कॉफी का मग।‎‎उसने लैपटॉप स्क्रीन को देखा।‎मीटिंग शुरू होने में दो मिनट।‎‎उसने कभी किसी क्लाइंट कॉल से पहले‎इतना नहीं