मंजिल - पथक और राही - 7

कहानियां लिखी जाती है, पढ़ी भी जाती है, किरदार एक के बाद एक आते जाते है, कुछ समझती है, कुछ समझाती है,कई बार कहानी का मोड़ रुला देता है, कई बार हसां देती है,बस इसी कड़ी में...                                                    भाग 7पथक: ये कार्ड में बाद में पढूंगा, अभी तो बस मुझे तुम्हारे साथ वक्त बिताना है।राही : हा, सही कहा और राही और पथक दोनो ही एक दूसरे में जैसे खो से जाते है,जैसे बस इसी पल का