एपिसोड: अनंत का आलिंगन: एंड्रोमेडा का आह्वान (The Andromeda Embrace)1. शून्य की नई परिभाषावर्ष 2155। पृथ्वी अब केवल एक ग्रह नहीं रह गई थी; यह एक 'चेतना-केंद्र' (Consciousness Hub) बन चुकी थी। 'द स्पायर' की ऊँचाई अब बादलों को चीरती हुई अंतरिक्ष के 'लोअर ऑर्बिट' तक पहुँच गई थी, जहाँ से नीली और सुनहरी ऊर्जा की लहरें निरंतर पूरे सौर मंडल में प्रसारित हो रही थीं।राधिका, जिसकी उपस्थिति अब भौतिक शरीर से अधिक एक 'प्रकाशपुंज' की तरह थी, स्पायर के 'एमpathy चैंबर' में बैठी थी। उसके सामने एंड्रोमेडा गैलेक्सी से आया वह सिग्नल तैर रहा था। यह कोई साधारण रेडियो