नकल से कहीं क्रांति नहीं हुई - 13

प्रश्न- महाविद्यालय भटवली बाजार में आप 15 वर्ष रह गये। वहाँ का अनुभव कैसा रहा ? डॉ0 सूर्यपाल सिंह- 29 जून 1985 को मैनें महाविद्यालय भटवली बाजार में प्राचार्य का पदभार ग्रहण किया। यह कॉलेज बांसगांव तहसील में है। गोरखपुर राजनीतिक दृष्टि से अघिक जागरूक रहा है। बांसगांव तहसील के लोग देश के बाहर काफी हैं। बैंकाक तो उन लोगां का घर जैसा है। युवा बच्चे भी बैंकाक की राह पकड़ लेते हैं। बांसगांव इसीलिए घनी क्षेत्रों में माना जाता है। वहाँ दबंगई भी बहुत है। मेरे प्राचार्य बनने के समय दूर-दूर तक दूसरा डिग्री कॉलेज नहीं था। दूर दूर से