नकल से कहीं क्रांति नहीं हुई - 12

1982 में उच्चतर शिक्षा आयोग का गठन किया गया। इसने डिग्री कालेज के प्राचार्यो का चयन प्रारम्भ किया। पहले चयन में शास्त्री कॉलेज के दो अध्यापकों- अशोक श्रीवास्तव और प्रेम शंकर श्रीवास्तव का चयन हुआ था। दूसरे चयन में संत प्रकाश अस्थाना प्राचार्य के रूप में चुने गये थे। जब तीसरी बार आयोग का विज्ञापन निकला तो शास्त्री कॉलेज के इतिहास विभाग के अध्यापक एक फार्म लेकर आ गए। उन्होंने मुझसे कहा कि यह फार्म मैं आपके लिए ही लाया हूँ। आप इसे भर दीजिए। प्राचार्य बनने की मेरी इच्छा तो नहीं थी पर उनके कहने से मैंने वह फार्म